Thursday, January 24, 2013

राजा से रहट भला फिर भला पधान

राजा से रहट भला फिर भला पधान, 
चेला (लड़का) से चेली (लड़की) भली जो रखे तीन कुलों (पुश्त) तक नाम ....

 (जहा आज लडकियों की निर्ममता से हत्या की जा रही उनका शोषण किया जा रहा है वही दादी (आमा) जी के वक्त में लोग इस तरह के जुमले बनाकर लोगो को बेटी के महत्त्व के बारे में समझाया करते थे, पुरुष प्रधान समाज में सदा स्त्रियों को दोयम दरजे का माना गया है, या फिर ये दिखाने की चेष्टा की गयी है, विरोध करने वाले को युगों युगों से प्रताड़ित किया जाता रहा है, कब बदलेगी सोच तथा ये समाज पता नहीं ??)