Wednesday, December 29, 2010

नव वर्ष २०११ की हार्दिक शुभकामनाएं



नव वर्ष २०११ की हार्दिक शुभकामनाएं


इस दौर की दरियादिली,
उस दौर से कुछ और है,
इंतजार की इन्तहा,
इस दौर में भी सिरमौर है,


वक़्त भी चलता गया,
और राही भी चलते रहे,

राहें और मंजिलें,
बस ये ही बदलते रहे,

तू वक़्त भी अच्छा है,

ओ वक़्त भी गुलजार था,
मुझे तुमसे भी प्यार है,
मुझे उससे भी प्यार था,

जो चला गया है छोड़कर,
उसका जाना भी स्वीकार है,
तू जल्दी आजा नव वर्ष,

बस तेरा ही इन्तजार है,

बस तेरा ही इन्तजार है,


1 comment:

  1. सोच को शब्द देने का प्रशंसनीय प्रयास - हार्दिक शुभकामनाएं

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