जब कोई बेवजह
हाथ की छठी उँगली की तरह
लटक कर बिना मतलब के
आपका रक्त चूसता हो
तब लगता है कि
किष्किन्धा में स्थित
ऋष्यमूक पर्वत पर
चला जाऊं
या फिर कहीं खो जाऊं
परम पावन सरस्वती की तरह
इस जग से यादों में रहने को।
दीपक पनेरू
दिनाँक - 02 जनवरी 2019
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