
नव वर्ष २०११ की हार्दिक शुभकामनाएं
इस दौर की दरियादिली,
उस दौर से कुछ और है,
इंतजार की इन्तहा,
इस दौर में भी सिरमौर है,
वक़्त भी चलता गया,
और राही भी चलते रहे,
राहें और मंजिलें,
बस ये ही बदलते रहे,
तू वक़्त भी अच्छा है,
ओ वक़्त भी गुलजार था,
मुझे तुमसे भी प्यार है,
मुझे उससे भी प्यार था,
जो चला गया है छोड़कर,
उसका जाना भी स्वीकार है,
तू जल्दी आजा नव वर्ष,
बस तेरा ही इन्तजार है,
बस तेरा ही इन्तजार है,




